मेँ अपने मन का दास कलम का कर्मचारी हुँ जो मन मेँ आया लिखदिया । कोई पागल कहे तो मुझे क्या ? कहता है तो कहने दो ।।
ब्लॉग आर्काइव
बुधवार, 15 जनवरी 2014
आप
1....आप मेँ कितने आदमी हे जो अतीत मेँ गये थे क्या आप अतीत मेँ थे जो ये कहते फिरते की पहले ऐसा था अब ऐसा है और कल बैसा होगा । 2..... आप आनेवाले कल की चिँता तो करते हे पर वर्तमान मेँ खुद को उलझनोँ मेँ पाते हे । चिँता करने के वजह से आप और भी उलझ जयेगेँ । 3.... आप सपनेँ देखते की कल को मेँ पिँकी रिँकी या चिँकी के साथ किसी पार्टी मेँ जाऊगाँ । असल जींदेगी मेँ आप उस से 100 मीटर दुर रहते । या आप सपनेँ देखते मेँ भी कल को नेता अभीनेता या कुछ और हो जाऊंगा आज रोड़पति कल अमीर खान हो जाऊगाँ । पर दोस्त अमीर बनने के लिये भी मेहनत करना पड़ता हे । सचीन शाहरुख अमीर अक्षय राजेश खन्ना जैसा शख्सियत तुम मेँ भी है पर तुम्हे उसमेँ और नीखार लाना होगा ।3.... आप कभी कभी अपनी गलती को छुपाने के खातिर दुसरोँ को जिम्मेदार साबित कर देते पर ये भुल जाते की एकदिन आप भी इसीतरह फस जायेगेँ ।4..... आप एक इंसान है और आप आजकल एलियन भगवान देवता और सुपरमान आदी को एकसाथ मानलेते क्युँ की इँसान को इनकेवारे मेँ संपुर्ण ग्यान नहीँ । 5...आप इंसान जो खुद को सबसे बुद्धिमान मानते और आपस मेँ धर्म जाती संप्रदाय भाषा और देश आधार पर लढ़ते रहते हे एक वक्त आयेगा आपनी ही चालाकी दिखा दिखा कर आपस मेँ लढ़लढ़ कर मरजायेगेँ ।
शुक्रवार, 3 जनवरी 2014
गुजरात विकास
हिँदोस्तानी दुसरोँ क्युँ एक हिरो तलास करते ? क्या वो उनमेँ ईश्वर को अनुभव नहीँ कर पाते ? गुजरात का विकास कैसे हुआ ? क्या सिर्फ मोदी जी के वजह से ये संभव हो पाया है ? कुछ लोग सायद इसवात को आँख मुँदकर मान भी लेँगे परंतु गुजरात का विकास के कई मुख्य कारण है जैसे 1....गुजराती नरमदिल होते है वो आसानी से दुसरे भाषाभाषियोँ को अपने तरफ आकर्षित कर लेते हे । तभी तो ओड़िआ,बंगाली.मराठी और उत्तरभारतीयोँ को आप यहाँ शाँतीपूर्ण रुप से निवास कर रहे है जान लो जहाँ झगडे नहीँ वहीँ विकास संभव होता है । 2... गुजरात मेँ वेसरकारी और अर्ध सरकारी संस्थाओँ का भरमार हे । आमतौर पर समस्त भारत मेँ working hour 8 घंटा का होता है परंतु किसी गुजरात मेँ काम करनेवाले आम मजुदुर से पुछेँ तो कहेगा 12 घंटा । और ये जो अतिरिक्त घंटोँ का रेकॉर्ड नहीँ रखा जाता । नतिजन Tax चोरी ! और जहाँ जितने पैसेवाले उस देश को लोग उतना धनवान समझलेते है । छोटे उद्योगोँ के वजह से राज्य को काफी फायदा भी तो होता है । मेँ पिछले 8 साल सुरत मेँ हुँ और मुझे लगता है गुजरात मेँ हुआ विकास का श्रेय अगर किसी को देना चाहिये तो गुजरातीयोँ को दिजीये कमसे कम ये मिलजुल कर चोरी तो करते है और देश मेँ जयजय कार भी होता है और आजकल तो इनके cm , pm बनने के सपने देखरहे है । तो देर किस वात की तुम भी वोलो मेँ भी वोलुँ जय जय मोदीराज । । । :-D :-D Sorry sorry don't worry
बुधवार, 18 दिसंबर 2013
कुछ मेरे तुम्हारे
अमेरिका दुनिया मेँ चौधरी बना फिरता हे । खुद के यहाँ मंदी से त्रस्त है और दुसरे देशोँ को आपस मेँ लढ़वा रहे है और आज कुछ पढ़लिखे गधे अमरीका जाने के सपने देखते रहते हे । अगर हिन्दोस्तानी आतंकवादी होते तो आज युरोप और अमरीका ना होता । हमेँ ये नहीँ भुलना चाहिये की इनके पूर्वजोँ नेँ हमारे साथ कैसा बरताव किया था । लोग अंग्रेजोँ को तो मन ही मन कोसते रहते पर उनकी इस अंग्रेजी भाषा को बडे अदब से वोला करते जैसे अंग्रेजी मेँ वोलनेवाले सारे के सारे ग्यानी हो । आज तो भारत मेँ उनके संस्कृती को अपनानेवालोँ की तादात काफी बढ़ गया है और यही कारण हे की हमारे समाज बलात्कार और घुसखोरी बढ़रही हे । यहाँ का पढ़ालिखा नौजबान गर अमरीका मेँ जाकर नौकरी करगा तो देश का क्या लाभ होगा ? पर नहीँ हम तो इतने स्वार्थी हो गये हेँ की अपना स्वार्थ के लिये किसी भी हद तक जा सकते हे ।।। ये तो हद है यार ....
मंगलवार, 3 दिसंबर 2013
तु क्युँ सेकुलार बना फिरता है ? हर सेकुलार एक दिन भुला दिआ जाता है !!
जम्मु कश्मीर ! नजाने किस मनहुस घडी मेँ भारत मेँ बिलय हुआ था जिसका सजा आज भी भारत भुगत रहा है ! मेँ उन सेकुलार किडोँ को अपने इस लेख द्वारा पुछना चाहुँगा की आप लोगोँ को वावरी कांड तो याद है पर आजादी मेँ तोफे मेँ मिला लाशोँ से भरा ट्रेन क्युँ याद नहीँ, वो 10 लाख औरतोँ का वलात्कार याद नहीँ और हिन्दु पंडितोँ पर हुआ अत्याचार क्युँ याद नहीँ आता ! क्या इस देश मेँ सहन करने का ठेका सिर्फ हिन्दुओँ नेँ ले रखा है ? और मुस्लीम क्युँ की अल्प संख्यक (21 करोड हो कर भी अल्पसंख्यक ?) हर सच्चा हिन्दोस्तानी मुसलमान कीतने इमानदार है ये अछी तरह जानता है । गुरु गोविंद सिंह जी को भी ऐन मौके पर पठान सैनिकोँ नेँ धोका दे कर गद्दार जय सिँह के साथ हो लिये थे । जिन्ना जिसे पाकिस्तानी "कायदे आजम" कहते फिरते सबसे बड़ा धोकेवाज निकला ।और आज अगर भारत मेँ हिन्दुँ मुसलमान आपस मेँ लढ मर रहे है इसका सिर्फ एक ही व्यक्ति जिम्मेदार है और वो है ये जिन्ना । 20वीँ सदी मेँ कौमी हिँसा फैलाने वाले माष्टर माईन्ड कोई और नहीँ यही जिन्ना थे । भारत मेँ हिन्दु वहुमत है इसलिये सेकुलार है नहीँ तो कब का मुस्लीम राष्ट्र बन चुका होता । तो ये सेकुलार और निरपेक्ष होने के ढ़ोगँ छोडो क्युँ की गीता मेँ भगवान श्रीकृष्ण नेँ भी कहा है इस दुनिया मेँ कोई निरपेक्ष नहीँ है । मेँ भी सदा धर्म के पक्ष मेँ रहता हुँ क्युँ की जहाँ धर्म वहाँ सत्य । इसलिये हे अर्जुन तुम धर्म मेँ स्थित हो कर धर्म युद्ध करो मेँ सदा तुम्हारे साथ रहुगां ।। जय हिन्दु जय हिन्दुस्तान ।।
रविवार, 24 नवंबर 2013
ये वही देश है
क्या ये वही देश है जाहाँ देवीयोँ की पूजा होती है ? क्या ये वही देश है जाहाँ देश को माता कहकर इसके रक्षा के लिये वीर अपना जान तक नौछावर कर देते है ? क्या वही देश है जाहाँ गार्गी,मैत्रेयी,अनसूया,रानी लक्षीबाई,चांद बीवी और मीरा जैसी ग्यानी और वीरागंनाओँ ने जन्म लिया ? हाँ हम गर्व से कहसकते है हमारे समाज मेँ नारीयोँ को सदा उच्च स्थान मिला है पर ये वही देश है जहाँ एक आदमी के कहदेने से राजाराम ने अपने पत्नी को वन मेँ छोडदिया । ये वही देश है जहाँ एक धर्मग्यँ राजा ने अपने पत्नी को जुआ मेँ हार गया । ये वही देश है जहाँ रुषिपत्नी अहल्या को गलती न होनेपर भी पथर बनना पडा । ये वही देश है जहाँ एक कन्या को पाने के लालसा मेँ चंडाशोक(सम्राट अशोक) नेँ लाखो उत्तकलियोँ(ओडियाओँ-Oriya people) की हत्या की । ये वही देश है जहाँ रातभर एक छात्रा की बलात्कार होता है और यहाँ की बाबा उलटे लडकी पर ही दोश लगा देते है । ये वही देश है जहाँ हर दश मिनट मेँ एक औरत की शोषण होता है यहाँ बालबिवाह कर उनके जीवन को नर्क बना दिआजाता है । रक्षणशील समाज मेँ तो सतीदाह आज भी प्रचलीत है । ऐसे मेँ मेरा भारत महान कैसे हुआ !!! ***(मातृवत परदारेषु परद्रव्येषु लोष्टवत्। आत्मवत् सर्वभूतेषु यः पश्यति स पंडितः।।)***www.sisirpagla.blogspot.com
मंगलवार, 5 नवंबर 2013
अमंगल मंगलपर भारत का मंगल अभियान
मंगल पर भारत का मंगल अभियान आज से शुरु होने जा रहा है. दोपहर करिबन 2.00 के बाद श्रीहरिकोटा से MARS ORBITER MISSION isro द्वारा भेजा जायेगा . अबतक मंगलपर कुल 54 मिशन भेजा जा चुका है और इस मेँ से केवल 25 मिशन सफल हुआ हे . अमरिका और रुषिया के बीच 1960 से मंगल बिजय करने का होड लगा है और फिलाल 5 मिशन मंगल पर सक्रिय भी है . हालाकि भारत का ये मिशन 55वाँ है परंतु भारत के सफलता को देखते हुए मंगल मिशन का सफल होने की आसार और भी बढजाता है.एसिआ से आबतक रसिआ के वात सिर्फ चीन और जापान नेँ मंगल पर मिशन भेजा था परंतु वो असफल रहे...मजे की बात तो यह है की ये दुनिया का सबसे किफायती मंगल मिशन है जिसमेँ सिर्फ 470 Crore rs खर्चा हुआ है जबकी यही मिशन अगर अन्य कोई राष्ट्र मेँ बनाया जाता तो इसका खर्च 3000 crore rs से ज्यादा होता. भारत का ये मंगल मिशन 100% स्वदेशी हे और इससे अंतरीक्ष विग्यान मेँ भारत का दवदवा प्रमाणित होता है...अब सारे देशवासी को आजसे करीवन 10 महिने का इँतेजार करना होगा क्युँ की मंगलतक पहँचने के लिये 10 महिना लग सकते है....
शुक्रवार, 1 नवंबर 2013
सरदार किस किसके ?
भाई आजकल लोगोँ को सरदार की बड़ी फिकर होने लगी है .... गुजरात के मुख्यमंत्री नेँ अगर सरदार जी का पुतला बनाया तो क्या बुरा किया ? अब गुजरात समाचार अखबार वाले यह कहते फिर रहे है की पहले सरदार के दिखाये रस्ते पर चलो फिर पुतला बनाना जैसे पुतला बनाना बड़ा आसान हो . सरदार को कौमवादी कहकर कभी यही लोग बदनाम कर रहे थे और आज सरदार जी के आदर्शोँ की मिशाले दि जा रही है . हमारे बर्तमान प्रधानमंत्री ड मनमोहन सिँह जी अहमदावाद मेँ भार पुर्वक युवाओँ को यह नशिहत दे रहे थे की सरदार के दिखाये रस्तोँ पर चलो ... परंतु वो यह भुल वैठे की ये 1970 नहीँ 2013 है . युवा जानता है उसे क्या करना है पर तुम वुड्ढोँ को कब अकल आयेगा ?
गुरुवार, 17 अक्टूबर 2013
आलोचना के आड़ मेँ
आजकल गुजरात के अखबारो मेँ मोदी विरोधी लेख लिखने का ट्रेन्ड चलपडा है ! यह ठिक है की किसी भी वस्तु या व्यक्ति की आलोचना होनी चाहिये पर यह भी ध्यन रहे की आपके द्वारा किया गया आक्षेप सही हो ! युँ किसी के उपर किचड़ उछाला नहीँ करते ! गुजरात समाचार के नामसे अखवार तो लगता है सायद मोदी के पिछे ही पड़गया हो । अब क्या करेँ नाँ तो आप मिडिआ को समझ सकते है ना वो वक्त से समझ लेते है.
रविवार, 1 सितंबर 2013
देशी अंग्रेज जवाब देँ....
हे देशी अंग्रेजो मेरे प्रश्नोँ का उत्तर दो.........क्या ????
कोलगेट नही था तो क्या भारत में पति पत्नी साथ नही सोते थे ? - चाय नहीं थी तो क्या सब सुस्त और आलसी थे सुबह खडे नही हो पाते थे ? - क्रिकेट नही था तो क्या भारतीय खेलते ही नही थे ? - वैलेनटाइन नहीथा तो क्या भारतीय प्रेम नही करतेथे ? - फेयरलवली नही थी तो क्या सब भारतीय नारी काली थी ? - स्कर्ट नही थी तो क्या भारत में लडकियां पढती नही थी ? - अमूल माचो नही था तो क्या भारतीय नंगे रहते थे ? - डिस्को नही था तो क्या भारत में संगीत नही था ? - ओह माई गोड शब्द नही था तो क्या भारतीय भगवान नही मानते थे ? - लाइफ बाय लक्स नहीं था तो भारतीय गले सडे रहते थे ? - पैंटीन नही था तो क्या सब गंजे हो जाते थे ? - अंग्रेजी नही थी तो क्या भारत में कोई ज्ञानी नही था? - देसी चीजों को बढ़ावा दो और विदेशी चीजों का बहिष्कार करो...
कोलगेट नही था तो क्या भारत में पति पत्नी साथ नही सोते थे ? - चाय नहीं थी तो क्या सब सुस्त और आलसी थे सुबह खडे नही हो पाते थे ? - क्रिकेट नही था तो क्या भारतीय खेलते ही नही थे ? - वैलेनटाइन नहीथा तो क्या भारतीय प्रेम नही करतेथे ? - फेयरलवली नही थी तो क्या सब भारतीय नारी काली थी ? - स्कर्ट नही थी तो क्या भारत में लडकियां पढती नही थी ? - अमूल माचो नही था तो क्या भारतीय नंगे रहते थे ? - डिस्को नही था तो क्या भारत में संगीत नही था ? - ओह माई गोड शब्द नही था तो क्या भारतीय भगवान नही मानते थे ? - लाइफ बाय लक्स नहीं था तो भारतीय गले सडे रहते थे ? - पैंटीन नही था तो क्या सब गंजे हो जाते थे ? - अंग्रेजी नही थी तो क्या भारत में कोई ज्ञानी नही था? - देसी चीजों को बढ़ावा दो और विदेशी चीजों का बहिष्कार करो...
महगाँई कि मार....
आम आदमी को एक और झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। पेट्रोल 2.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 50 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया । हे प्रभु..... ! और कितनेवार पेट्रोल का भाव बढ़ेगा ? पहले से इतना बज चुका हे और कितना बजाओगे ? हे मेरे पुतले प्रधान मंत्री जी अब हम बर्दाश्त नहीँ कर सकते । अब तो रोटी भी नसीब नहीं । जब आपके बस में परिस्थिति सुधारनी नही रह गई है त्तो कृपया कुर्सी से खुद उतर जाइये । ए अरथी नहीं है की चार लोगों का इंतजार करें की वो आये और उतारें । शुक्र है भारत की जनता बहुत धैर्यवान है ! सरकार ऐसी तैसी कर रही है पर हम भारतीय अभी भी बर्दास्त कर रहे हैं । कोई और देश होता तो पब्लिक सड़कों पर आ जाती और नेताओं को उनके घरों और दफ्तरों से खींच कर चौराहों पर खम्बों पर लटका देती और पत्थरों और जूतों से मार कर अधमरा कर देती जब तक की ए सारे बेईमान देश की जनता को कला धन बना कर विदेशी बैंको से वापस ना ले आते ! आज यह सब मंहगाई किसी नीति के कारण कम और नेताओं अफ़सरों, माफिया और पूँजी पतियों द्वारा मिलकर जनता की मेहनत की कमायी की लूट के कारण हुई है । जनता का खून चूसने पर आमादा सरकार को अब उखाड़ फेंकने का वक़्त आ गया है । नीड से जागो देश की भोली जनता नीड से जागो ! पानी सर से ऊपर से निकल रहा है और तुम जातीपाँति, भाषा, इलाके आदि के भेदभावों की नीड मे नेताओंद्वारा सुलाए गये हो ' अब उठो, उठ भी जाओ ।
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